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फकीरा
सच्ची है ये बात फकीरा,
ना मेरी कोइ जात फकीरा.
फूलों सारे है निशाने पे,
काटों पे ना घात फकीरा.
सूरज भले ही जोर लगा ले ,
होकर रहेगी रात फकीरा.
इश्वर अल्लाह ईशु ना अलग है,
सबकी एक ही नात फकीरा.
छुरी से भी तेज बड़े है,
शब्दोंके ये दांत फकीरा.
-पूर्वी शुक्ल















